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देखकर मानव जाति भरेपल स्वयंजिम्मेदार हिंदी कविता विरोध अधर्म का परमात्मा का स्पर्श ये रंगोत्सव दो-दो हाथ करनापड़ताहैसबकोहीश्रम।देताहैपरमात्मासिर्फलकीरे होता है अपमान रंगों का मेल मन का मेल कोई भी वर्ग प्यार का, गले अपनोसेदुश्मनीकरजातेहैंलोग।आड़ेवक्तपरअपनेहीकामआतेहैं रास्ता एक-दूसरे सैर करने का उद्धरण

Hindi दिलों का मेल Quotes